डॉ दिलीप अग्निहोत्री

मोदी सरकार पिछले छह वर्षों से भारत को मजबूत व विकसित बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। इसी क्रम में आत्मनिर्भर भारत अभियान का विधिवत प्रारंभ किया गया। ऐसा नहीं कि उन्होंने कोरोना आपदा में ही इसे अवसर के रूप माना है। बल्कि उनकी सरकार पिछले कार्यकाल के प्रारंभ से ही इस दिशा में प्रयास कर रही है। इसके दृष्टिगत आर्थिक क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार किए गए। कृषि व किसानों के लाभ हेतु कारगर कदम उठाए गए। भारत में ही सामरिक सामग्री बनाने के भी प्रयास किये गए थे। लालकिले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुनः इस पर बल दिया। उनका सन्देश भारत के साथ ही विश्व के लिए था। उन्होंने दुनिया को भारत के बुलन्द इरादों से अवगत भी कराया। आयुष्मान योजना के बाद नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन भी बहुत व्यापक व बड़ी योजना है।

मोदी ने इसे भारत के हेल्थ सेक्टर में नई क्रांति लाने वाला बताया। एक हेल्थ कार्ड व्यक्ति की स्वस्थ संबन्धी सभी जानकारी समाहित होगी। जल जीवन मिशन के तहत हर दिन एक लाख से अधिक घरों में पानी का कनेक्शन हो रहा है। वोकल फॉर लोकल स्किल और अप स्किल का अभियान गरीबी की रेखा के नीचे रहने वालों के जीवनस्तर में आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था का संचार करेगा। देश में चालीस करोड़ जनधन खाते खुले हैं,उसमें से लगभग बाइस करोड़ खाते महिलाओं के ही हैं। कोरोना काल के तीन महीनों में महिलाओं के खातों में करीब तीस हजार हज़ार करोड़ रुपए सीधे ट्रांसफर किए गए हैं। मोदी ने कहा कि हमारे देश में तेरह सौ से अधिक द्वीप हैं। इनमें से कुछ द्वीपों में नई परियोजनाएं शुरू करने का काम चल रहा है। लक्षद्वीप को सबमरिन ऑप्टिकल फाइबर केबल से भी जोड़ा जाएगा। रक्षा उत्पाद के क्षेत्र में भी भारत को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

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