डॉ दिलीप अग्निहोत्री

कोरोना से बचाव के लिए जागरूकता अपरिहार्य है। लॉक डाउन में आंशिक ढील के बाद भी निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित होना चाहिए। इसमें बिना जरूरत घर से बाहर ना निकलने,मास्क का प्रयोग करने और फिजिकल डिस्टेनसिंग का पालन करना चाहिए। इसके लिए अनेक व्यक्ति व संस्थाए जागरूकता अभियान भी चला रही है।

राष्ट्रीय सेवा योजना, लखनऊ विश्वविद्यालय तथा आर्ट्स कॉलेज, लखनऊ विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्त्वावधान इसके लिए कलात्मक प्रयास किया गया। आर्ट्स कॉलेज के छात्रों ने भाऊराव देवरस द्वार के सामने कोरोना संदर्भित विराट इलस्ट्रेटिव पेंटिंग बनाई। पेंटिंग आर्ट्स कॉलेज की शिक्षिका एवं राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ विभावरी सिंह के निर्देशन में तैयार की गई। कुलपति प्रो आलोक कुमार राय ने पेंटिंग का निरीक्षण किया एवं पेंटिंग बनाने वाले विद्यार्थियों को अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित भी किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना, लखनऊ विश्वविद्यालय के कार्यक्रम समन्वयक डॉक्टर राकेश द्विवेदी के साथ आर्ट्स कॉलेज के कई शिक्षक, डॉ.ओ.पी. शुक्ला,डॉ राहुल पाण्डेय , डॉ राजेन्द्र वर्मा,छात्र- छात्रायें तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के कई कार्यक्रम अधिकारी उपस्थित थे।डॉ राकेश द्विवेदी ने बताया कि मेन्टल हेल्थ काउंसलिंग की बढ़ती मांग को देखते हुए दो और काउंसलर्स डॉक्टर यादवेंद्र प्रताप सिंह, सुभाष चंद्र बोस हायर एजुकेशन इंस्टिट्यूशन, लखनऊ तथा डॉक्टर तारकेश्वर पाण्डेय, अटल बिहारी वाजपेयी नगर निगम कॉलेज, लखनऊ को उपर्युक्त कार्य हेतु डॉक्टर अंशुमाली शर्मा, राज्य संपर्क अधिकारी, राष्ट्रीय सेवा योजना की सहमति के आधार पर शामिल गया है। दोनो शिक्षको ने यूनिसेफ द्वारा प्रशिक्षण भी प्राप्त कर लिया है। लखनऊ विश्वविद्यालय एवं सहयुक्त महाविद्यालयों को मिलाकर अब कुल काउंसलर्स की संख्या बाइस हो गयी है,जो कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अपना योगदान दे रही है।

राष्ट्रीय सेवा योजना ने आर्ट ऑफ लिविंग के साथ मिलकर ऑनलाइन मैडिटेशन सत्र का आयोजन किया जिसमें सैकड़ों प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसके संयोजक लखनऊ विश्वविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डॉ राकेश द्विवेदी थे। आर्ट ऑफ लिविंग की तरफ से अंतरराष्ट्रीय आर्ट ऑफ लिविंग योग शिक्षक गौरव सिंह चौहान तथा वरिष्ठ आर्ट ऑफ लिविंग योग शिक्षक सुगंधा पारेख एवं कृतिका जी ने योग की बारीकियों तथा योग के लाभ की चर्चा की। बताया कि श्वास हमारी जीवनी शक्ति है। आर्ट ऑफ लिविंग का मूलाधार श्वास पर नियंत्रण स्थापित करना है। योग शिक्षकों ने उज्जयी श्वास,भस्रिका तथा सुदर्शन क्रिया करने की विधि तथा उसके लाभ की चर्चा की। यह हमारे मन को शांत तथा चिंताओं से मुक्त रखने का मुख्य उपाय है।

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