डॉ दिलीप अग्निहोत्री

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने पूर्व सैनिकों के कल्याण को पूरी क्षमता से संचालित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि इसके लिए स्वीकृति धनराशि का अधिकतम उपयोग पूर्व सैनिकों के कल्याण में करना चाहिए। आनन्दी बेन पटेल ने कुछ दिन पहले अटारी कृषि प्रक्षेत्र का निरीक्षण किया था। इस संबन्ध में भी उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए। सचिव राजस्व को अगस्त तक अटारी कृषि प्रक्षेत्र की एक हजार तीन सौ बयालीस एकड़ भूमि के चिन्हीकरण एवं सीमांकन कराने के निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी को निर्देश दिए कि इस कृषि फार्म का संबंधित अधिकारियों के साथ निरीक्षण करें। इसकी रिपोर्ट राजभवन को दें कि इस कृषि प्रक्षेत्र का बेहतर उपयोग कैसे किया जाय। इसकी आय में वृद्धि के प्रयास किये जायें। क्योंकि वर्तमान में इस प्रक्षेत्र से कुल शुद्ध आय हुई है जो कृषि क्षेत्र के हिसाब से उचित नहीं है। कृषि प्रक्षेत्र पर लगे आठ नलकूपों को सौर ऊर्जा से चलाने के लिए संबंधित विभाग से प्रस्ताव तैयार कराकर उसे यथाशीघ्र चालू करने के निर्देश दिए। राजभवन में उत्तर प्रदेश सैनिक पुनर्वास निधि की प्रबंध समिति की बैठक में राज्यपाल ने सुधार के अनेक निर्देश दिए।


बैठक में प्रदेश के पूर्व सैनिकों के कल्याणार्थ संचालित वार्षिक शैक्षिक सहायता योजना के तहत दी जाने वाली आर्थिक सहायता को प्रत्येक शिक्षा वर्ग में बढ़ोत्तरी का निर्णय लिया गया। इसमें हाई स्कूल से लेकर स्नातकोत्तर व रोजगारपरक तकनीकी कोर्स भी शामिल है। शहीद सैनिकों के आश्रितों को तकनीकी ट्रेनिंग प्राप्त करने तथा इससे संबंधित उपकरण खरीदने के लिए पचास हजार रूपये तक की आर्थिक सहायता दिए जाने का निर्णय लिया गया। बैठक में पूर्व सैनिकों की विधवाओं की पुत्रियों के विवाह अनुदान योजना के तहत दी जाने वाली धनराशि को पचास हजार रूपये से बढ़ाकर एक लाख रूपये करने का भी निर्णय लिया गया। इसी क्रम में राज्यपाल ने कहा कि जो भी बजट शहीद सैनिकों के आश्रितों के सहायतार्थ स्वीकृत किए गये हैं,पूरी धनराशि का अधिकतम उपयोग किया जाए।

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