इण्डिया, अब भारत बन रहा
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कुछ-कुछ ऐसा हो रहा,
इण्डिया, अब भारत बन रहा।
बिग बास का धुन ठिठक गया,
रामायण का डंका बज रहा।
हवाई और रेल यात्रा रूक गए,
घरों में पद यात्रा का दौर चल रहा।
कुछ-कुछ ऐसा हो रहा,
इण्डिया, अब भारत बन रहा।
जंक फूड को जंग लग रहा है,
देशी व्यंजन घर में पक रहा।
हाथ मिलाना-गले लगना बंद है,
नमस्ते से अभिवादन चल रहा।
कुछ-कुछ ऐसा हो रहा,
इण्डिया, अब भारत बन रहा।
शीतल पेय अनर्गल लग रहे,
दूध लस्सी का चलन बढ़ रहा।
पिज्जा, बर्गर बिसरा गये अब,
दाल रोटी का डंका बज रहा।
कुछ कुछ ऐसा हो रहा,
इण्डिया, अब भारत बन रहा।
सरपट भाग रहा था मानव,
घर परिवार में पूरा रम रहा।
कुछ-कुछ ऐसा हो रहा।
इण्डिया, अब भारत बन रहा।
जरूरते सारी सिमट गयी हैं,
थोड़े मे ही काम चल रहा।
अपने लिए तो जी ही रहे हैं,
औरों के लिए भी दीप जल रहा।
कुछ-कुछ ऐसा हो रहा।
इण्डिया, अब भारत बन रहा।
प्रदूषण भी कम हुआ है,
गंगा,यमुना की निर्मल धारा कलकल बह रही है,
खुला आसमान ताक रहा है।
पश्चिमी सभ्यता और आधुनिक विश्व जूझ रहा है।
सनातन संस्कृति का नाम चमक रहा।
बहुत कुछ ऐसा हो रहा।

मेरा इण्डिया अब मेरा भारत बन रहा

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