Home संस्कृति Total Samachar अजीब संस्कृति- अपरधियों की पूजा.. चढती हैं शराब व सिगरेट

Total Samachar अजीब संस्कृति- अपरधियों की पूजा.. चढती हैं शराब व सिगरेट

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Addictive substances, including alcohol, cigarettes and drugs.

 

अपराधियों की होती है पूजा, लगता है भोग, चढ़ती है शराब सिगरेट

नई दिल्ली।  कच्चे तेल के बड़े निर्यातकों में से एक वेनेज़ुएला की शोहरत दुनिया में अमरीका के दुश्मन के तौर पर है. इसी की वजह से इस देश ने उठा-पटक का लंबा दौर देखा है।ह्यूगो शावेज़ की अगुवाई में यहां साम्यवादी शासन स्थापित हुआ था। शावेज़ की मौत के बाद उनके वारिस निकोलस मादुरो के राज में यहां भारी अराजकता फैली हुई है। जुर्म का बोल-बाला है।

ऐसे में यहां के लोगों का अपराधियों को देवता के तौर पर मानना अजीब लगता है। यहां पुराने और इस दुनिया से गुज़र चुके अपराधियों के बुत बनाकर उन्हें पूजा जाता है। उन्हें चढ़ावा चढ़ाया जाता है।स्पेनिश ज़बान में इन अपराधी देवताओं को सैंटोस मैलेंड्रोस कहते हैं। पुराने दौर के इन बदनाम अपराधियों के छोटे-छोटे बुतों को एक जगह पर रखा गया है. इन्हें देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं।ऐसे ही एक मैलेंड्रो का नाम है लुई सांचेज़. लुई सांचेज़ अपने दौर का बहुत ताक़तवर अपराधी था. आज उसका बुत लगाकर पूजा की जाती है।

सवाल ये है कि आख़िर वेनेज़ुएला के लोग, अपराधियों को देवता मानकर उनकी पूजा क्यों करते हैं।असल मे इन अपराधियों की छवि जनता के बीच रॉबिनहुड वाली रही है।वो, जो अमीरों को लूटकर दौलत को ग़रीबों में बांट देते थे। उन्होंने किसी की हत्या नहीं की. सिर्फ़ अमीरों को लूटा और ग़रीबों पर लुटाया।स्थानीय लोग कहते हैं कि ये मैंलेंड्रो कुछ अच्छा काम करने के बाद इनाम की उम्मीद करते हैं. अगर इन्हें चढ़ावा नहीं चढ़ाया जाता, तो ये ख़फ़ा भी हो जाते हैं.तो, जैसे हिंदुस्तान में किसी की मन्नत पूरी होने पर चढ़ावा चढ़ाया जाता है. उसी तरह वेनेज़ुएला के सैंटोस मैलेंड्रोज़ को भी चढ़ावा चढ़ाया जाता है।

चढ़ावे में चढ़ाई जाती है शराब

इन अपराधी देवताओं को चढ़ावे में शराब अर्पित की जाती है.अगर कोई इंसान किसी बात से परेशान है, तो वो इन्हें चढ़ावा चढ़ाता है. इस उम्मीद में कि उनका काम बन जाएगा. ये हक़ीक़त में तो किसी की मदद नहीं करते. पर ये सैंटोस मैलेंड्रोज़, चढ़ावे पर बहुत ख़ुश होते हैं. लोगों की मान्यता है कि ये ख़ुश होकर उन्हें वरदान देते हैं और उनका काम बन जाता है।सलाह तो ये भी दी जाती है कि इन अपराधियों को चढ़ावे में ज़्यादा शराब नहीं दी जानी चाहिए. वरना, ये काम छोड़कर जश्न मनाने में मशग़ूल हो जाएंगे. बेहतर होगा कि इन्हें चखने भर के लिए बीयर दी जाए, ताकि लोगों का काम भी बन सके।

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