Total Samacharजम्मू-कश्मीर में व्यापक सुधार

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डॉ दिलीप अग्निहोत्री

राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा जम्मू-कश्मीर में निर्विघ्न सम्पन्न हुई.यात्रा के नाम को लेकर शुरू से सवाल उठ रहे थे. भारत मजबूती के साथ एकजुट है.ऐसे में भारत जोड़ो की बात करना बेतुका था. लेकिन जम्मू-कश्मीर में स्थिति ज्यादा विचित्र हो गई. यहां तो अनुच्छेद 370 के कारण अलगाव की स्थिति थी. कांग्रेस ने इसको बनाये रखने के लिए जमीन आसमान एक कर दिया था. लेकिन वर्तमान सरकार ने इस अस्थायी अनुच्छेद को समाप्त कर इस प्रदेश को राष्ट्र की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य किया. इसके बाद जम्मू-कश्मीर में नया अध्याय शुरु हुआ. अलगाववादी शक्तियों को निष्प्रभावी किया गया. स्थिति को समझने के लिए सत्तर वर्ष पीछे देखने की आवश्यकता नहीं है.लेकिन यूपीए सरकार के समय को याद करना होगा.उस समय अलगाववादी सक्रिय थे. नई दिल्ली तक उनका स्वागत होता था. सीमापार से आतंकी गतिविधियां संचालित होती थी.पाकिस्तान के इशारे पर हड़ताल होती थी.शिक्षण संस्थान बंद होते थे.घाटी तो अतिवादियों से सर्वाधिक प्रभावित थी.सुरक्षा बलों पर पत्थर होती थी. सैनिकों को ऐसी हरकतों का जबाब देने की अनुमति नहीं थी. कुछ स्थल ऐसे थे, जहां तिरंगा फहराना असंभव था. यात्रा निकालने की तो कल्पना भी सम्भव नहीं थी. अब राहुल की यात्रा ही यहां के बदलाव का प्रमाण बन गई. श्रीनगर में राहुल गांधी ने लाल चौक पर तिरंगा फहराया। शेरे-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम में सार्वजनिक रैली के साथ ही इस यात्रा का समापन हुआ. समापन रैली में लगभग तेईस विपक्षी राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया गया था. भारत जोड़ो यात्रा में फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती
जैसे लोग भी हमराह हुए. ये अलगाववादी अनुच्छेद 370 के पैरोकार है. जबकि इस अनुच्छेद की समाप्ति के बाद जम्मू-कश्मीर कश्मीर में शांति व्यवस्था और विकास का नया अध्याय शुरू हुआ है.

जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति में सुधार स्पष्ट दिखाई दे रहा है. वर्तमान सरकार के पहले जम्मू-कश्मीर के जो क्षेत्र पिछली सरकार में आतंकी घटनाओं के चर्चित रहते थे. वहाँ अब तिरंगा फहराया जा रहा है. पिछली सरकार के समय विश्वविद्यालयों के दीक्षान्त समारोह में राष्ट्र गान के समय विद्यार्थी बैंठे रहते थे. अब ऐसा नहीं होता. मनोज सिन्हा ने राष्ट्रगान के समय बैठे रहने वाले स्टूडेंट्स को विश्वविद्यालयों से निष्कासित करा दिया. अमरनाथ की यात्रा में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है. श्राईन बोर्ड के पास कोई भवन नहीं थे. अब भवन बन रहे हैं. तीस वर्ष के बाद जम्मू-कश्मीर में सिनेमा हॉल चलने लगे है. मनोज सिन्हा ने कहा कि भारत विरोधी गतिविधियों पर प्रतिबन्ध है,और यह जारी रहेगा. जम्मू-कश्मीर के भू अभिलेख फारसी में थे. इससे विवाद होता था. पटवारी जो कहता था, वही होता था. अब हिंदी उर्दू इंग्लिश मे भू अभिलेख उपलब्ध करा दिये गये है. जनता से जुड़ी सेवाओं को ऑनलाईन कर दिया गया हैं. पहले जम्मू मे राजधानी के कार्य स्थानांतरण हेतु सैकड़ों ट्रकों से फ़ाइल श्री नगर से जम्मू लाई जाती थी. सैकड़ों कमरों की व्यवस्था की जाती थी. अब इसकी कोई आवश्यकता नहीं हैं. नियुक्तियां पारदर्शिता तरीके से हो रहीं है.

आतंकियों के करीबियों को सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जा रहा हैं.बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है.पहली बार त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था जम्मू-कश्मीर में प्रभावी तरीके से चल रही है. यहां की पंचायतों को सर्वाधिक अधिकार प्राप्त है. कृषि मे जम्मू-कश्मीर सातवें स्थान पर था. दो दिन में यह प्रदेश तीसरे स्थान पर आ गया है. अभी कृषि में बड़ा सुधार किए जा रहे है. केंद्र के सभी कानून यहां लागू हो रहे हैं. आजादी के बाद सर्वाधिक पर्यटन जम्मू-कश्मीर आए है. य़ह आंकड़ा एक करोड़ पार कर गया हैं. जिलों में बड़े अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही चल रही है. जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के बीच बेहतरीन तालमेल है. आतंकी संगठनों के कमांडर मारे गए हैं.

आतंकवाद के विरुद्ध सरकार जीरो टॉलरेंस के विचार से कार्य कर रही है. आतंकवाद को पूरी तरह समाप्त करने में जल्दी ही सफ़लता मिलेगी. पहले पाकिस्तान से यहां के स्कुल बंद करने का फरमान आता था. अब ऐसा कोई सोच नहीं सकता. स्कूलों में नियमित पठन-पाठन चल रहा है. यहां के प्रत्येक नागरिक को पांच लाख रुपये का सुरक्षा कवच मिला है. शिक्षा और स्वास्थ्य का बजट केरल से ज्यादा है. जम्मू-कश्मीर में सत्तर साल में चौदह करोड़ रुपये के प्रस्ताव मिले.

लगभग इतना निवेश विगत दो वर्षों में आ गया. मनोज सिन्हा को आठवीं शताब्दी में जम्मू-कश्मीर के सूर्य मन्दिर की प्रतिकृति भेंट की गई. जिसे मुस्लिम कालखंड में नष्ट कर दिया गया था. जम्मू कश्मीर के तत्व ज्ञान से देश को वंचित रखा गया. मुस्लिम काल खंड से यह दौर शुरू हुआ, आजादी के बाद सेक्युलर शासन में यह जारी रहा. कश्मीर को घूमने के स्थल के रूप में ही प्रदर्शित किया गया. इसे स्विटजरलैंड बताया गया.सीमा पार के आतंकवाद ने इस पर भी ग्रहण लगा दिया था. वर्तमान सरकार ने जम्मू-कश्मीर को राष्ट की मुख्य धारा में शामिल किया. लेकिन कश्मीर के गौरवशाली हिन्दू इतिहास की लोगों को जानकारी होनी चाहिए. जम्मू-कश्मीर में भी हिन्दू दर्शन का विकास हुआ था.

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