Total Samachar गुजरात में किसानों का आंसू निकाल रहा प्याज

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सत्यम सिंह, ब्यूरो चीफ, गुजरात

देश के अन्य राज्यों की तरह गुजरात में भी प्याज की अच्छी पैदावार के बाद उसकी कीमते परेशान कर रही है , ४ महीने बाद कड़ी मेहनत से उगाई गई प्याज औने पौने दामों में बेचने को मजबूर है किसान , ये मुद्दा तब और चर्चा में आ गया जब एक किसान द्वारा राजकोट की मंडी में प्याज की बिक्री की रसीद सोशल मीडिया में वायरल हो गई।

गुजरात में प्याज किसानों के आंसू निकाल रहा है। राज्य के सौराष्ट्र क्षेत्र के किसान पिछले एक महीने सही दाम नहीं मिलने के चलते परेशान हैं। भावनगर में किसानों की खराब स्थिति का मामला सामने आने पर पंजाब के मुख्यमंत्री भवंगत मान ने प्याज खरीदने का ऐलान किया था।

तो वहीं गुजरात विधानसभा के बजट सत्र में भी यह मामला गूंज रहा है। राज्य के कृषि मंत्री राघवजी पटेल किसानों को सहायता देने की बात कह रहे हैं तो इस सब के बीच राजकोट से एक ऐसा मामला सामने आया है कि किसान जब मंडी में प्याज बेचने पहुंचा तो उसे अपनी जेब से 131 रुपये का भुगतान करना पड़ा। इस किसान का वीडियो और प्याज बेचने का बिल अब सोशल मीडिया वायरल हो रहा है जानकारी के अनुसार 1 मार्च को कालावडके बजरंग पुर गांव किशान सवजी मोहन दोमडिया जो प्याज़ की फसल बेचने आये थे उन्हें प्याज़ बेचने पर सिर्फ 10 रूपये मुनाफा हुवा ये किसानो की साथ मजाक हो रही हो ऐसा लगता हे

दुसरे एक किस्से में राजकोट मार्केटिंग यार्ड में 472 किलो प्याज लेकर पहुंचे थे। उन्हें यार्ड में 20 रुपये प्रति मन का भाव मिली। एक मन में 20 किलो के बराबर होता है। ऐसे में जमनभाई को 21 रुपये प्रति मन के हिसाब से 472 किलो प्याज के 495.60 मिले। मोटे तौर पर उन्होंने यार्ड में अपनी 1 रुपये चार पैसे प्रति किलो के हिसाब से बेची, हालांकि ट्रक का किराया 590 रुपये था और प्याज को उताने का खर्च 36.40 रुपये आया। ऐसे में कुल खर्च 626 हुआ तो किसान को प्याज बेचने के बाद भी 131 रुपये यार्ड को चुकाने पड़े।

1 मार्च को राजकोर्ट यार्ड रिकॉर्ड स्तर पर प्याज पहुंची थी। इसके प्याज का भाव काफी नीचे रहा पूरे सौराष्ट्र में स्थिति खराब है टोटल समाचार की टीम ने जब ग्राउंड जीरो पर जाचं की तो पता चला के किसानों  प्याज़ की फसल के लिए जो खर्च करते हे उस खर्च के बाद उनको न्यूनतम कीमत भी नही मिल रही है। सौराष्ट्र में प्याज उगाकर किसान रोने को मजबूर हैं। किसानों ने प्याज की फसल पर जितना पैसा खर्च किया है, उतना पैसा उन्हें नहीं मिल रहा है। प्याज के दाम गिरने से किसान मायूस हैं। मनमाफिक कीमत नहीं मिलने से किसानों में आक्रोश है।

किसान को 1 बीघा प्याज़ की फसल को उगाने के पीछे करीबन 15 हजार रूपया खर्च करना पड़ता हे और उसके एवज में उन्हें अगर ठीकठाक कीमत मिले तो २० हजार रूपये मिल जाते है लेकिन इनदिनों किसानो को अभी मंडी से प्याज़ के दाम एक मन के यानी के २० किलो के २०० रुपये मिल रहे हे जिससे किसानों को फसल और ट्रांसपोर्ट पे किये गए खर्च भी अपनी जेब से चुकाने की नौबत आई हैं। एक बीघा में 120 कट्टे तक प्याज की खेती हो जाती है. गुजरात में एक बीघा में करीब 5 हजार किलो प्याज निकल जाती है. 20 किलोग्राम प्याज का उत्पादन करने के लिए 220 रुपये खर्च किए जाते हैं और इसके मुकाबले एक किसान को औसतन 150 रुपये मिलते हैं. इस हिसाब से एक किसान को प्रति 20 किलोग्राम उत्पादन में 70 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है. किसानों का प्रति एकड़ नुकसान लगभग 50,000 रुपए से 1 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर हो रहा है.

राज्य कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2020-21 में गुजरात में प्याज की कुल खेती 67,736 हेक्टेयर थी, जो 2021-22 में बढ़कर 99,413 हेक्टेयर हो गई. सौराष्टमें 34,000 हेक्टेयर में प्याज की खेती की गई थी, जो अगले वर्ष 34,366 हेक्टेयर में की गई है. इस बम्पर उत्पादन के कारण बाजार में प्याज की कीमतें लगभग 5-7 प्रति किलोग्राम तक गिर गईं हैं. सीएमओ के एक बयान में कहा कि मुख्यमंत्री ने किसानों की मदद के लिए सरकार की प्रतिबद्धता के बारे में विधायकों और अन्य लोगों को आश्वासन दिया है, हालांकि अभी तक राज्य द्वारा समर्थन मूल्य की घोषणा नहीं की गई है. पिछले साल राज्य सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले प्याज किसानों के लिए 100 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की थी. इस दौरान राजकोट के स्थानीय नेता और विधायकोंने राज्य के अधिकारियों से प्याज किसानों के लिए एक पैकेज और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की घोषणा करने का आग्रह किया है. ताकि कम से कम उनके नुकसान की भरपाई की जा सके.

प्याज़ APMC से सीधा मंडी में बिकने आते हे तब उस का 1 किलो का भाव 20 रूपये हो जाता हे. व्यापारी को एक किलो प्याज़ 15 से 18 रूपये में खरीदते हे और 20 से 25 रूपये किलोमें बेचा जाता हे.राजकोटके व्यापारी मानते हे की सौराष्ट्रमें प्याज़की जो फसल हुयी हे उसे महाराष्ट्र के नासिककी फसल अछि क्वालिटीकी हे जिस के कारण नासिककी प्याज़ का भाव ज्यादा हे जो 100 से 250 रूपये की 20 किलोमें खरीद करते है।

ये 2 या 3 रुपये में बिकने बाली प्याज़ 20 से 25 रूपये की कैसे हो जाती हे ये बड़ा सवाल हे और अगर 20 से 25 रूपये की हो जाती हे तो रूपये किशानो को क्यों नही मिलते ये एक बड़ी समस्या हे किसान के पास से 2 रूपये में जाने वाली प्याज़ घर तक 20 रुपये में कैसे पहोच रही हे और ये बिच के17 या 18 रूपये का गेप हे वो कौंन लेजा रहा हैं।

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