Total Samachar विरासत के सम्मान का प्रतीक है काशी विश्वनाथ धाम -योगी

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रिपोर्ट-डॉ दिलीप अग्निहोत्री

ढाई सौ वर्षों के बाद श्री काशी विश्वनाथ धाम को भव्य रूप में प्रतिष्ठित किया गया है. इसके बाद यहां पहुँचने वाले दर्शनार्थियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है. इसके अनुरूप यहां सुविधाओं का विस्तार भी हो रहा है. अनेक योजनाओं का क्रियान्वयन चल रहा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समय समय पर काशी पहुँच कर इन योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते है. वह दो दिन की यात्रा पर काशी पहुँचे. उन्होने कहा कि
कहा कि काशी प्राचीन काल से ही भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करती रही है। आज काशी अपनी पुरातन आत्मा को समेटे हुए आज वैश्विक मंच पर स्थापित हुई है। प्रत्येक कालखण्ड में काशी ने कुछ नयापन दिया है। काशी विश्वनाथ धाम नये भारत में विरासत के सम्मान का प्रतीक है।

नेशनल काॅन्फ्रेंस ऑन अपाॅच्र्युनिटी एण्ड ग्रोथ इन फार्मा’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित किया.
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय महामना मदन मोहन मालवीय की कर्म साधना की वह स्थली है, जिसने फार्मा के क्षेत्र में कार्य करने की प्रेरणा आज से सौ वर्ष पूर्व ही प्रदान कर दी थी।

प्रदेश में फार्मा, मेडिकल डिवाइस और बायो टेक्नोलाॅजी सेक्टर में उद्योग स्थापित करने का अनुकूल वातावरण निर्मित हो रहा है। जनपद गौतमबुद्धनगर में जेवर हवाई अड्डे के समीप भारत सरकार द्वारा स्वीकृत प्रदेश का मेडिकल डिवाइस पार्क साढ़े तीन एकड़ में स्थापित हो रहा है। ललितपुर में लगभग दो हजार एकड़ भूमि पर बल्क ड्रग पार्क के निर्माण के कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है। जेवर में ड्रग फाॅम्र्युलेशन पार्क की स्थापना का प्रस्ताव विचाराधीन है। लखनऊ में बायो फार्मा, डायग्नाॅस्टिक और बायोटेक पार्क की स्थापना का प्रस्ताव विचाराधीन है।

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